प्लास्टिक से डीजल कैसे बनाया जाता है?
अपशिष्ट तेल आसवन संयंत्र / तिथि: 18 जुलाई, 2016

प्लास्टिक से डीजल बनाने हेतु आसवन मशीन
कचरे वाली प्लास्टिक को डीजल में परिवर्तित करने वाली मशीन की कार्यप्रणाली
कचरे के रूप में पड़ने वाला प्लास्टिक डीजल शोधन प्रक्रिया में उपयोग में आ रहा है। अपशिष्ट प्लास्टिकों में मौजूद मलबे एवं तलछट को पहले ही हटा दिया जाता है (कैन को नहीं हटाया जाता, लेकिन इससे तेल निकालने की प्रक्रिया पर प्रभाव पड़ता है)। इसके बाद अपशिष्ट प्लास्टिक को “पायरोलिसिस रिएक्टर” में डालकर पायरोलिसिस प्रक्रिया द्वारा उसे छोटे आणविक अवस्था में परिवर्तित किया जाता है। इस प्रक्रिया से प्राप्त तेल एवं गैस को कंडेंसर के माध्यम से तरल रूप में परिवर्तित करके फ्रैक्शनेटर में भेजा जाता है। वहाँ इन तत्वों को मिलाकर पुनः परिष्कृत किया जाता है, एवं इस प्रक्रिया से प्राप्त तेल का उपयोग डीजल ईंधन के रूप में किया जा सकता है।
प्लास्टिक ईंधन तेल को अप्रत्यक्ष ऊष्मा प्रदान करके तेल-गैस में परिवर्तित किया जाएगा। इसके बाद तेल एवं गैस को डीजल में परिवर्तित कर दिया जाता है। रंग एवं गंध हटाने संबंधी प्रणाली के कार्यान्वयन से डीजल की गुणवत्ता में काफी सुधार होगा।
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